विस्तृत उत्तर
पूजा के माध्यम से गुरु और शिष्य संपूर्ण देव-परंपरा से इस कार्य को संपन्न करने की अनुमति और आशीर्वाद मांगते हैं।
यह विनम्रता का प्रतीक है और यह सुनिश्चित करता है कि यह आध्यात्मिक यात्रा ब्रह्मांडीय विधान (धर्म) के अनुरूप है और इसे दैवीय शक्तियों का पूर्ण समर्थन प्राप्त होगा।





