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विस्तृत उत्तर
दिव्य पाशुपतास्त्र को ब्रह्मांड में सर्वाधिक विध्वंसक और दुर्भेद्य अस्त्रों में से एक माना जाता है। पौराणिक संदर्भों के अनुसार, यह वह परम अस्त्र है जिसे स्वयं आदिदेव शिव ने घोर तपस्या के फल के रूप में आदिशक्ति से प्राप्त किया था।
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