विस्तृत उत्तर
पूजा की पूर्णता के लिए हवन (अग्नि कार्य) आवश्यक है क्योंकि अग्नि को देवताओं का मुख माना गया है। हवन सामग्री में आम की लकड़ी, गाय का घी, गूगल, लोबान, अक्षत, तिल और जौ का मिश्रण तैयार करें। हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलित कर नर्वाण मंत्र ('ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे स्वाहा') या दुर्गा सप्तशती के श्लोकों के साथ आहुतियां दें। अंत में लाल वस्त्र में लपेटकर एक नारियल और सुपारी अग्नि में डालकर 'पूर्णाहूति' दें।





