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विस्तृत उत्तर
यह परब्रह्म (भगवान/निर्गुण ब्रह्म) का वर्णन है। अर्थ — एक (अद्वितीय), अनीह (इच्छारहित), अरूप (रूपरहित), अनामा (नामरहित), अज (अजन्मा), सच्चिदानन्द (सत्+चित्+आनन्द = सत्यस्वरूप, चेतनस्वरूप, आनन्दस्वरूप) और परधामा (परम धाम/परम निवास)।
यह बालकाण्ड में निर्गुण ब्रह्म का वर्णन है — वही ब्रह्म रामजी के रूप में अवतार लेते हैं। निर्गुण और सगुण दोनों एक ही हैं।
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