विस्तृत उत्तर
गणेश सहस्रनाम (1000 नामों का पाठ) गणेश पुराण में वर्णित अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है।
पाठ कब करें
- 1गणेश चतुर्थी — सर्वाधिक शुभ (भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी)।
- 2संकष्टी चतुर्थी — प्रत्येक मास की कृष्ण चतुर्थी।
- 3बुधवार — गणेश का विशेष दिन।
- 4विनायक चतुर्थी — प्रत्येक मास की शुक्ल चतुर्थी।
- 5नवरात्रि चतुर्थी — विशेष फलदायी।
- 6दीपावली — धन-समृद्धि हेतु।
- 7नए कार्य का शुभारंभ — व्यापार, गृह प्रवेश, विवाह आदि।
पाठ विधि
- ▸प्रातःकाल या सायंकाल।
- ▸स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
- ▸गणेश पूजन (सिंदूर, दूर्वा, मोदक) करके पाठ आरंभ।
- ▸शांत मन से, एकाग्रता से पाठ करें।
- ▸पाठ पूर्ण होने पर आरती और प्रसाद वितरण।
फल: सर्व विघ्न नाश, सर्व मनोकामना पूर्ति, ग्रह दोष शांति, बुद्धि-विद्या-यश प्राप्ति, मोक्ष प्राप्ति।
ध्यान रखें: सहस्रनाम लंबा पाठ है (लगभग 40-50 मिनट)। नियमित पाठ संभव न हो तो गणेश अष्टोत्तरशतनाम (108 नाम) या द्वादश नाम (12 नाम) भी पर्याप्त है।





