विस्तृत उत्तर
गृहस्थ साधकों के लिए केवल राजसिक या सौम्य साधना ही उचित है।
उग्र तांत्रिक साधना केवल गुरु-निर्देशन में ही की जानी चाहिए।
यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि भैरव साधना, महामृत्युंजय साधना की भांति पूर्णतः सात्त्विक नहीं है।
गृहस्थों के लिए केवल राजसिक/सौम्य भैरव साधना उचित है — उग्र तांत्रिक साधना केवल गुरु-निर्देशन में करनी चाहिए।
गृहस्थ साधकों के लिए केवल राजसिक या सौम्य साधना ही उचित है।
उग्र तांत्रिक साधना केवल गुरु-निर्देशन में ही की जानी चाहिए।
यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि भैरव साधना, महामृत्युंजय साधना की भांति पूर्णतः सात्त्विक नहीं है।
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