विस्तृत उत्तर
वर्ष में चार नवरात्रि आती हैं — दो प्रकट (चैत्र और शारदीय) और दो गुप्त। गुप्त नवरात्रि तांत्रिक साधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
गुप्त नवरात्रि का समय
- 1माघ गुप्त नवरात्रि: माघ मास शुक्ल प्रतिपदा से नवमी (जनवरी-फरवरी)।
- 2आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: आषाढ़ मास शुक्ल प्रतिपदा से नवमी (जून-जुलाई)।
गुप्त नवरात्रि की विशेषता
इन्हें 'गुप्त' इसलिए कहते हैं क्योंकि इनमें साधना गोपनीय रखी जाती है। ये विशेषतः तांत्रिक साधकों, मंत्र सिद्धि करने वालों और दश महाविद्या उपासकों के लिए हैं।
कौन सी साधना करें
- 1दश महाविद्या साधना: गुप्त नवरात्रि दश महाविद्याओं (काली, तारा, षोडशी/त्रिपुरसुन्दरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला) की साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ काल।
- 1बगलामुखी साधना: शत्रु नाश, वाद-विवाद विजय, कोर्ट केस हेतु।
- 1तारा साधना: विद्या, वाक्सिद्धि हेतु।
- 1कमला साधना: धन-समृद्धि हेतु।
- 1काली साधना: शक्ति, भय निवारण, कालजयी सिद्धि।
- 1मंत्र सिद्धि: गुप्त नवरात्रि में किसी भी देवी मंत्र की सवालक्ष (1,25,000) जप करने से मंत्र सिद्ध होता है।
साधना नियम
- ▸गुरु दीक्षा अनिवार्य (विशेषतः तांत्रिक साधना के लिए)।
- ▸ब्रह्मचर्य, सात्त्विक भोजन, भूमि शयन।
- ▸साधना गोपनीय रखें — किसी को न बताएँ।
- ▸नित्य संध्या पूजा, दीपक, धूप।
चेतावनी: दश महाविद्या और तांत्रिक साधना बिना गुरु दीक्षा के नहीं करनी चाहिए। अनधिकारी साधना से हानि हो सकती है। सामान्य भक्त दुर्गा सप्तशती पाठ, देवी कवच, नवार्ण मंत्र जप कर सकते हैं।
लोग यह भी पूछते हैं
कौन सी साधना करें
1. दश महाविद्या साधना: गुप्त नवरात्रि दश महाविद्याओं (काली, तारा, षोडशी/त्रिपुरसुन्दरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला) की साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ काल। 2. बगलामुखी साधना: शत्रु नाश, वाद-विवाद विजय, कोर्ट केस हेतु। 3. तारा साधना: विद्या, वाक्सिद्धि हेतु। 4. कमला साधना: धन-समृद्धि हेतु। 5. काली साधना: शक्ति, भय निवारण, कालजयी सिद्धि। 6.
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