विस्तृत उत्तर
ईश्वर स्तुति के मन्त्रों के सस्वर पाठ से यज्ञ मंडप का वातावरण पूर्णतः सात्विक एवं एकाग्र हो जाता है। तत्पश्चात यजमान देश, काल, तिथि, वार और गोत्र का उच्चारण करते हुए संकल्प ग्रहण करता है कि यह देव-यज्ञ किस उद्देश्य (यथा— आत्म-कल्याण, पर्यावरण शुद्धि, नवग्रह शांति) से किया जा रहा है।





