📖
विस्तृत उत्तर
हृदय, नाभि और भ्रूमध्य योग-साधना के आंतरिक केन्द्रों के रूप में बताए गए हैं। गले से नीचे और नाभि से ऊपर का हृत्कमल उत्तम योगस्थान है। नाभि के नीचे मूलाधार है और दोनों भृकुटियों के बीच आज्ञाचक्र कहा गया है। आगे ध्यान-विधि में हृदयकमल, नाभिकमल, भ्रूमध्य, ललाट और मस्तक में शिव का ध्यान करने की बात आती है। इसलिए ये स्थान योग, धारणा और शिवध्यान के आधार हैं।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 8, PDF पृष्ठ 41 और 49-51, श्लोक 2 तथा 91-101
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





