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विस्तृत उत्तर
कालसर्प दोष के लिए महामृत्युंजय मंत्र और सर्प सूक्त को एक साथ 'रुद्र-सर्प संपुट' विधि से जपते हैं:
एक संपुट का क्रम:
- 1महामृत्युंजय मंत्र (पूर्ण पाठ)
- 2सर्प सूक्त (तीनों श्लोक)
- 3महामृत्युंजय मंत्र (पूर्ण पाठ)
इस क्रम को 'एक' संपुट माना जाता है। कालसर्प के अनुसार 11, 21, या 108 संपुट का पाठ किया जाता है।
यह एक गहन ध्यान और जप की तांत्रिक विधि है।
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