विस्तृत उत्तर
कृष्ण कथा सुनने की इच्छा बढ़ने का कारण भगवान के यश और लीला के रस से जोड़ा गया है। ऋषि कहते हैं कि पुण्यात्मा भक्त भगवान की लीलाओं का गान करते रहते हैं। उनका पवित्र यश कलियुग के पापों को हरने वाला है, इसलिए आत्मशुद्धि चाहने वाला कौन मनुष्य उसे सुनना नहीं चाहेगा। वे सूतजी से भगवान के उदार कर्म और हरि की मंगलमयी अवतार कथाएँ सुनाने की प्रार्थना करते हैं। आगे वे कहते हैं कि पुण्यकीर्ति भगवान की लीला सुनने से उन्हें कभी तृप्ति नहीं होती, क्योंकि रसज्ञ श्रोताओं को पद-पद पर भगवान की लीला में नया-नया रस अनुभव होता है। इसलिए कृष्ण कथा साधारण कथा नहीं, लगातार रस, पवित्रता और भगवत स्मरण बढ़ाने वाली कथा है।
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