विस्तृत उत्तर
लिंग और लिंगी का उल्लेख विष्णु की स्तुति में शिव के नामों के रूप में आता है। विष्णु ईशान, श्मशान, अतिवेगशाली, वेगवान, श्रुतिपाद, ऊर्ध्व लिंग और लिंगी को नमस्कार करते हैं। इसके बाद वे हेमलिंग, हेम, जललिंग, जल, शिव, शिवलिंग, व्यापी और आकाश में व्याप्त रहने वाले रुद्र को नमस्कार करते हैं। यहाँ विस्तृत परिभाषा नहीं दी गई, पर शिव को लिंग और लिंगी दोनों रूपों में वंदित किया गया है।
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