विस्तृत उत्तर
महाभारत के वन पर्व (अध्याय 91) में वर्णित है कि पुरुषसिंह अर्जुन ने भगवान शंकर से उनका अनुपम अस्त्र, पाशुपत, प्राप्त किया था। अर्जुन को यह अस्त्र मन्त्र, उपसंहार (वापसी), प्रायश्चित (दोष निवारण) और मंगलसहित प्राप्त हुआ था।
अर्जुन ने भगवान शिव की तपस्या कर मंत्र, उपसंहार और प्रायश्चित सहित पाशुपतास्त्र प्राप्त किया था।
महाभारत के वन पर्व (अध्याय 91) में वर्णित है कि पुरुषसिंह अर्जुन ने भगवान शंकर से उनका अनुपम अस्त्र, पाशुपत, प्राप्त किया था। अर्जुन को यह अस्त्र मन्त्र, उपसंहार (वापसी), प्रायश्चित (दोष निवारण) और मंगलसहित प्राप्त हुआ था।
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