विस्तृत उत्तर
महामृत्युंजय और महाकाल भैरव की साधनाएँ, यद्यपि दोनों ही शिव-स्वरूप हैं, किन्तु उनके मार्ग, उद्देश्य और प्रकृति भिन्न हैं:
- ▸महामृत्युंजय: सात्त्विक/वैदिक — आरोग्य, दीर्घायु, शांति, मोक्ष के लिए
- ▸महाकाल भैरव: राजसिक/तांत्रिक — शत्रु-नाश, बाधा-निवारण, उग्र-रक्षा, सिद्धि के लिए
गुरु-निर्देशन: महामृत्युंजय के अनुष्ठान के लिए अनुशंसित; महाकाल भैरव साधना के लिए अनिवार्य।





