विस्तृत उत्तर
मकर संक्रान्ति (14/15 जनवरी) पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है — उत्तरायण आरम्भ। इस दिन स्नान का विशेष महत्व है।
विशेष महत्व
1उत्तरायण आरम्भ
सूर्य का उत्तर दिशा की ओर गमन। महाभारत: भीष्म पितामह ने उत्तरायण की प्रतीक्षा कर इसी काल में देह त्याग किया — उत्तरायण में मृत्यु = मोक्ष।
2गंगासागर स्नान
मकर संक्रान्ति पर गंगासागर (गंगा-सागर संगम, बंगाल) स्नान सर्वोत्तम — 'सारे तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार'। कपिल मुनि आश्रम यहीं।
3पुण्यकाल
मकर संक्रान्ति = पुण्यकाल। इस दिन स्नान-दान-जप = अक्षय फल। गंगा, यमुना, संगम, पवित्र नदियों में स्नान विशेष।
4सप्तजन्म पापनाश
धार्मिक मान्यता: मकर संक्रान्ति पर गंगा स्नान से 7 जन्मों के पाप धुलते हैं।
स्नान विधि
- ▸ब्रह्म मुहूर्त/प्रातः नदी/घर पर। तिल मिला जल।
- ▸स्नान मंत्र + सूर्य अर्घ्य (विशेष — सूर्य का पर्व)।
- ▸तिल-गुड़ दान (तिल + गुड़ = संक्रान्ति का प्रतीक)।
- ▸खिचड़ी दान/भोजन।





