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विस्तृत उत्तर
मनुओं को स्वरात्मक इसलिए कहा गया है कि पाठ में वे अकार से ओकार तक चौदह स्वरों के रूप वाले चौदह मनु बताए गए हैं। आगे कहा गया है कि सभी मन्वन्तराधिपति संक्षेप में स्वरात्मक हैं। मनु स्वायम्भुव आदि नामों से, अकार आदि वर्णों से और श्वेत आदि रंगों से अभिहित किए गए हैं। इसलिए उनका स्वरात्मक स्वरूप नाम और वर्ण-व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 7, PDF पृष्ठ 39, श्लोक 22-27
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