विस्तृत उत्तर
चंद्र के रत्न मोती को केवल और केवल चांदी में ही धारण करने का विधान है।
मोती किस धातु में धारण करना चाहिए को संदर्भ सहित समझें
मोती किस धातु में धारण करना चाहिए का सबसे सीधा सार यह है: चंद्र के रत्न मोती को केवल और केवल चांदी में ही धारण करना चाहिए — यही शास्त्र विधान है।
रत्न और धातु जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
रत्न और धातु श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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नीलम किस धातु में धारण करना चाहिए?
शनिदेव के रत्न नीलम को पंचधातु, स्टील या लोहे में धारण करना चाहिए।
पन्ना किस धातु में धारण करना चाहिए?
बुध के रत्न पन्ना को स्वर्ण या चांदी में धारण करना शुभ माना गया है।
मूंगा किस धातु में धारण करना चाहिए?
मंगल के रत्न मूंगा को स्वर्ण, चांदी या तांबे — तीनों में से किसी में भी धारण किया जा सकता है।
माणिक्य किस धातु में धारण करना चाहिए?
सूर्य के रत्न माणिक्य को स्वर्ण या तांबे की धातु में धारण करना सर्वोत्तम फल देता है।
शिवलिंग किस धातु का सबसे उत्तम माना जाता है?
सर्वश्रेष्ठ: स्फटिक (शैव आगम), नर्मदेश्वर (स्वयंभू), पारद (12 ज्योतिर्लिंग समान)। धातु में: चांदी सर्वोत्तम (स्कन्द पुराण — चंद्रमा संबंध), फिर तांबा, सोना, अष्टधातु। लोहा/स्टील वर्जित। घर के लिए: नर्मदेश्वर > चांदी > तांबा।
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