📖
विस्तृत उत्तर
मुहूर्त तीस कलाओं से बनता है। काल-गणना में पहले पन्द्रह निमेष की एक काष्ठा बताई गई है, फिर तीस काष्ठाओं की एक कला और तीस कलाओं का एक मुहूर्त कहा गया है। आगे पन्द्रह मुहूर्त की एक रात और पन्द्रह मुहूर्त का एक दिन बताया गया है। इस प्रकार मुहूर्त दिन-रात की गणना की प्रमुख इकाई है।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 4, PDF पृष्ठ 25, श्लोक 8-10
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





