विस्तृत उत्तर
मूलाधार चक्र का बीज मंत्र 'लं' (Lam) है।
यह चक्र गुदा और लिंग के मध्य स्थित है और पृथ्वी तत्त्व से संबद्ध है।
इस बीज मंत्र की साधना से स्थिरता, सुरक्षा, वीरता और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
मूलाधार चक्र का बीज मंत्र 'लं' (Lam) है — यह गुदा और लिंग के मध्य स्थित, पृथ्वी तत्त्व से संबद्ध है। साधना से स्थिरता, सुरक्षा, वीरता और आरोग्य प्राप्त होता है।
मूलाधार चक्र का बीज मंत्र 'लं' (Lam) है।
यह चक्र गुदा और लिंग के मध्य स्थित है और पृथ्वी तत्त्व से संबद्ध है।
इस बीज मंत्र की साधना से स्थिरता, सुरक्षा, वीरता और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
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