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विस्तृत उत्तर
नरकों के स्वरूप और कर्मानुसार दंड के विधान का वर्णन स्वर्ग-नरक से जुड़े विषयों के साथ आता है। उसी क्रम में स्वर्ग और नरक प्राप्त करनेवाले पुरुषों में दूसरे जन्मों में प्रकट होनेवाले चिह्न, अनेक प्रकार के दान, यमपुरी, पंचाक्षर मन्त्र की मीमांसा और रुद्रमाहात्म्य का उल्लेख भी किया गया है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 2, PDF पृष्ठ 18, श्लोक 35-36
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