विस्तृत उत्तर
साधक को सुबह स्नान करके, स्वच्छ धुले हुए कपड़े पहनकर, लाल रंग के आसन पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए।
यह अनुष्ठान की प्रारंभिक तैयारी का अनिवार्य भाग है।
नीलकंठ स्तोत्र पाठ के लिए पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए।
साधक को सुबह स्नान करके, स्वच्छ धुले हुए कपड़े पहनकर, लाल रंग के आसन पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए।
यह अनुष्ठान की प्रारंभिक तैयारी का अनिवार्य भाग है।
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