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विस्तृत उत्तर
निर्गुण शिव को अलिंग कहा गया है। वह शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध आदि से रहित है। उसे अगुण, ध्रुव और अक्षय तत्त्व बताया गया है। इसी निर्गुण ब्रह्म शिव को लिंग यानी प्रकृति का मूल कारण भी कहा गया है। इसलिए निर्गुण शिव गुणों और इन्द्रिय-विषयों से परे परम तत्त्व के रूप में वर्णित हैं।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 3, PDF पृष्ठ 20, श्लोक 1-3
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