विस्तृत उत्तर
पापी के संपर्क का दोष अघोर मंत्र जप से मिटता बताया गया है। पाठ में कहा गया है कि पापियों के संपर्क मात्र से लगने वाला पाप उन पापियों के पाप के समान माना गया है, फिर भी केवल दस हजार जप से संपर्क में रहने वाला प्राणी उस पाप से मुक्त हो जाता है। आगे संसर्ग से होने वाले पाप के शमन के लिए एक लाख मानस जप, उसका चार गुना उपांशु जप, या आठ गुना वाचिक जप बुद्धिपूर्वक करने का विधान भी बताया गया है।
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