विस्तृत उत्तर
पारद शिवलिंग पूजा में धूप का मंत्र इस प्रकार है:
वनस्पतिरसोद्भूतो गन्धाढ्यो गन्ध उत्तमः।
आघ्रेयः सर्वदेवानां धूपोऽयं प्रतिगृह्यताम्॥
ॐ साङ्गाय सायुधाय साम्बसदाशिवाय नमः धूपं घ्रापयामि।
अर्थ: 'वनस्पति रस से उत्पन्न यह उत्तम गंध (धूप) सभी देवों के लिए है, इसे स्वीकार करें।'
(धूप दिखाएं)।





