पारद शिवलिंग को 'स्वयं-सिद्ध' क्यों कहते हैं का सबसे सीधा सार यह है: पारद शिवलिंग को 'स्वयं-सिद्ध' इसलिए कहते हैं क्योंकि पारद भगवान शिव का 'वीर्य' (जीव-तत्व) माना गया है — यह 'जीवंत धातु' स्वाभाविक रूप से दिव्य शक्ति से युक्त...
प्राण प्रतिष्ठा और स्थापना जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•प्राण प्रतिष्ठा और स्थापना श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।