विस्तृत उत्तर
पूजा में वाक-शक्ति का बहुत महत्व है। शिव का मूल मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' 108 या 1008 बार जपना चाहिए। रोग निवारण के लिए 'महामृत्युंजय मंत्र' ("ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...") का जाप करें। स्कंद पुराण में ऋषि शांडिल्य द्वारा रचित 'प्रदोष स्तोत्र' दरिद्रता नाश के लिए सर्वश्रेष्ठ है। इसका श्लोक है: "ये नार्चयन्ति गिरिशं समये प्रदोषे... ते जन्मजन्मसु भवन्ति नरा दरिद्राः॥" अर्थात जो मूढ़ लोग प्रदोष समय में शिव की अर्चना नहीं करते या शिव कथा नहीं सुनते, वे जन्म-जन्मांतर तक दरिद्र रहते हैं।





