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विस्तृत उत्तर
प्रकृति शिव की दृष्टिमात्र से शैवी हुई बताई गई है। सृष्टि के समय अव्यक्त स्वभाववाली प्रकृति गुणों से युक्त हो गई। अव्यक्त से लेकर महत्तत्त्व और स्थूल पंचमहाभूत तक सम्पूर्ण जगत् उसी प्रकृति के अधीन कहा गया है। विश्व को धारण करनेवाली यही शैवी शक्ति प्रकृति अजा नाम से जानी गई है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 3, PDF पृष्ठ 21, श्लोक 11-12
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