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विस्तृत उत्तर
निर्गुण शिव को अलिंग कहा गया है, जो शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गन्ध और गुणों से रहित है। लिंग रूप प्रकृति से जुड़ा है, जो गुणों और तत्त्वों से युक्त है। वर्णन में परमात्मा को निर्गुण भी और सगुण भी कहा गया है। व्यक्त लिंग और अव्यक्त अलिंग रूप में कही गई सभी मूर्तियाँ शिवात्मक बताई गई हैं।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 3, PDF पृष्ठ 20-21, श्लोक 1-8
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