विस्तृत उत्तर
सर्प सूक्त की जप संख्या इस प्रकार है:
- ▸108 बार (पूर्ण सूक्त) या
- ▸11 माला (प्रथम मंत्र की)
दिशा: पूर्व/उत्तर
श्रेष्ठ समय: प्रातःकाल (शिव पूजा के साथ)
ध्यान-विधि: शिवलिंग पर लिपटे नाग का ध्यान
माला: रुद्राक्ष
सर्प सूक्त का पाठ 108 बार (पूर्ण सूक्त) या 11 माला (प्रथम मंत्र की) करना चाहिए — प्रातःकाल शिव पूजा के साथ रुद्राक्ष माला से।
सर्प सूक्त की जप संख्या इस प्रकार है:
दिशा: पूर्व/उत्तर
श्रेष्ठ समय: प्रातःकाल (शिव पूजा के साथ)
ध्यान-विधि: शिवलिंग पर लिपटे नाग का ध्यान
माला: रुद्राक्ष
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