📖
विस्तृत उत्तर
सत्ययुग का काल चार हजार दिव्य वर्षों का बताया गया है। इसके साथ चार सौ वर्षों की सन्ध्या और चार सौ वर्षों का सन्ध्यांश भी बताया गया है। मानुषी वर्ष के प्रमाण से कृतयुग यानी सत्ययुग चौदह लाख चालीस हजार वर्षों का कहा गया है। यह गणना युगों के दिव्य और मानुषी मान दोनों के संदर्भ में आती है।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 4, PDF पृष्ठ 24-26, श्लोक 5-6 और 26-31
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





