विस्तृत उत्तर
शैव दर्शन के अनुसार, 'पशु' वह बद्ध जीव या आत्म-तत्त्व है जो माया के बंधन में बंधा हुआ है।
माया के बंधन में बंधे हुए जीव या आत्मा को शैव सिद्धांत में 'पशु' कहा गया है।
शैव दर्शन के अनुसार, 'पशु' वह बद्ध जीव या आत्म-तत्त्व है जो माया के बंधन में बंधा हुआ है।
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