विस्तृत उत्तर
शिव बीजी, ब्रह्मा बीज और विष्णु योनि का भाव विष्णु ने ब्रह्मा को समझाया। वे कहते हैं कि जिनके विषय में ब्रह्मा पूछ रहे हैं, वे शिव बीजवान् हैं, ब्रह्मा बीज हैं और सनातन रूप विष्णु योनि हैं। ब्रह्मा ने इस सूक्ष्म संदेह का समाधान पूछा। तब विष्णु ने कहा कि सृष्टि के आरम्भ में मायाविधि जानने वाले, अगम्य और दुर्बोध महादेव के लिंग से प्रादुर्भूत बीज सबसे पहले विष्णु की योनि में गिरा। कालांतर में उस सागररूप योनि में वह बीज स्वर्ण अंड बन गया।
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