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विस्तृत उत्तर
शिव के तीन रूप ब्रह्मा, विष्णु और भव बताए गए हैं। महादेव ने विष्णु से कहा कि वे निष्कल परमेश्वर ही ब्रह्मा, विष्णु और भव नामों से अलग-अलग तीन प्रकार के रूपों में स्थित हैं। ये तीन रूप सृजन, पालन और संहार के गुणों से युक्त हैं। इससे स्रोत में यह भाव आता है कि सृष्टि, स्थिति और संहार के अलग-अलग कार्यों में भी मूल तत्त्व निष्कल परमेश्वर शिव ही हैं।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 19, PDF पृष्ठ 87, श्लोक 11-12
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