विस्तृत उत्तर
शिव जी के प्रिय भोग का वर्णन शिव पुराण और स्कंद पुराण में मिलता है:
शिव के सर्वप्रिय भोग
- 1पंचामृत — दूध, दही, घी, शहद, शक्कर; अभिषेक और भोग दोनों में
- 1भांग (विजया) — शिव को भांग अत्यंत प्रिय है। शिव पुराण में उल्लेख है कि शिव स्वयं 'भांग' का सेवन करते हैं। महाशिवरात्रि पर भांग की ठंडाई का प्रसाद चढ़ाया जाता है।
- 1ठंडाई — दूध, भांग, बादाम, मसालों से बनी; शिव को अत्यंत प्रिय
- 1बेर (बदरी फल) — स्कंद पुराण में बेर को शिव का प्रिय फल बताया गया है
- 1श्रीफल (नारियल) — नारियल के तीन नेत्र शिव के त्रिनेत्र के प्रतीक हैं; भोग में चढ़ाएं
- 1मदार के फूल — भोग स्वरूप
- 1धतूरा — फल और पुष्प दोनों
- 1सफेद मिठाई — खीर, बर्फी, बताशा
- 1कच्चा दूध — सीधे दूध का भोग
शिव को क्या नहीं चढ़ाएं
- ▸तुलसी — विष्णु को समर्पित
- ▸केतकी — वर्जित
- ▸लाल रंग की वस्तुएं — हल्दी, कुमकुम का लेप
भोग का भाव
शिव पुराण में कहा गया है — शिव 'भोलेनाथ' हैं, वे भाव के भूखे हैं। जो भी भक्ति से चढ़ाया जाए, शिव स्वीकार करते हैं। बेलपत्र और जल — यही उनका पर्याप्त भोग है।





