ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
शिव पूजा📜 शिव पुराण, शकुन शास्त्र, लोक परम्परा2 मिनट पठन

शिव पूजा में नीलकंठ पक्षी दिखने का क्या शकुन है?

संक्षिप्त उत्तर

नीलकंठ पक्षी = शिव कृपा संकेत। शिव = नीलकंठ (हलाहल धारण)। पक्षी दिखना = पूजा स्वीकृत, शुभ फल। दशहरे पर विशेष शुभ। दाहिनी ओर = अत्यंत शुभ। 'शिव का दूत' — हत्या महापाप।

📖

विस्तृत उत्तर

शिव पूजा के दौरान या शिव मंदिर जाते समय नीलकंठ पक्षी (Indian Roller/Blue Jay) दिखना अत्यंत शुभ शकुन माना जाता है।

शुभ शकुन का कारण

  1. 1शिव = नीलकंठ: भगवान शिव को 'नीलकंठ' कहा जाता है क्योंकि उन्होंने समुद्र मंथन से निकला हलाहल विष पीकर अपने कंठ में धारण किया था, जिससे उनका कंठ नीला हो गया। नीलकंठ पक्षी का नीला कंठ शिव के नीलकंठ स्वरूप का प्रतीक है।
  1. 1शिव कृपा का संकेत: नीलकंठ पक्षी दिखना = भगवान शिव प्रसन्न हैं, आपकी पूजा-प्रार्थना स्वीकार हो रही है।
  1. 1दशहरे पर विशेष: विजयादशमी (दशहरा) पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन अत्यंत शुभ माने जाते हैं — विजय और समृद्धि का संकेत।
  1. 1यात्रा शकुन: किसी शुभ कार्य या यात्रा से पहले नीलकंठ दिखना = कार्य सफल होगा।

शकुन शास्त्र के अनुसार: नीलकंठ पक्षी दाहिनी ओर से आता हुआ दिखे = अत्यंत शुभ। बायीं ओर से = शुभ, किन्तु थोड़ी देरी। सामने से = तुरंत शुभ फल।

विशेष: नीलकंठ पक्षी (Coracias benghalensis) भारत में सर्वत्र पाया जाता है। इसे 'शिव का दूत' माना जाता है। इसकी हत्या करना महापाप माना गया है।

📜
शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, शकुन शास्त्र, लोक परम्परा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

नीलकंठशकुनशिव कृपाशुभ संकेतदर्शन

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

शिव पूजा में नीलकंठ पक्षी दिखने का क्या शकुन है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको शिव पूजा से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर शिव पुराण, शकुन शास्त्र, लोक परम्परा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।