विस्तृत उत्तर
स्वाधिष्ठान चक्र का बीज मंत्र 'वं' (Vam) है।
यह चक्र लिंग मूल में स्थित है और जल तत्त्व से संबद्ध है।
इस बीज मंत्र की साधना से रचनात्मकता, भावनात्मक संतुलन और दुर्गुणों का नाश होता है।
स्वाधिष्ठान चक्र का बीज मंत्र 'वं' (Vam) है — यह लिंग मूल में स्थित, जल तत्त्व से संबद्ध है। साधना से रचनात्मकता, भावनात्मक संतुलन और दुर्गुणों का नाश होता है।
स्वाधिष्ठान चक्र का बीज मंत्र 'वं' (Vam) है।
यह चक्र लिंग मूल में स्थित है और जल तत्त्व से संबद्ध है।
इस बीज मंत्र की साधना से रचनात्मकता, भावनात्मक संतुलन और दुर्गुणों का नाश होता है।
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