विस्तृत उत्तर
6 लाख जप के अनुष्ठान में तर्पण की संख्या 6,000 (हवन का दशांश) और मार्जन की संख्या 600 (तर्पण का दशांश) होनी चाहिए।
अनुष्ठान में 6,000 तर्पण और 600 मार्जन की क्रियाएं करने का विधान है।
6 लाख जप के अनुष्ठान में तर्पण की संख्या 6,000 (हवन का दशांश) और मार्जन की संख्या 600 (तर्पण का दशांश) होनी चाहिए।
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