विस्तृत उत्तर
वास्तव में, त्रिपुर भैरवी की साधना का सर्वोच्च फल 'मोक्ष' है, जिसे शास्त्रों में 'परम पुरुषार्थ' कहा गया है।
मोक्ष का अर्थ है समस्त दुखों से पूर्ण निवृत्ति और अपने शुद्ध, सच्चिदानंद ब्रह्म-स्वरूप में स्थित हो जाना।
माँ त्रिपुर भैरवी की 'नित्य प्रलय' की शक्ति अंततः साधक के अज्ञान, अहंकार और कर्म-संस्कारों का भी 'प्रलय' अर्थात नाश कर देती है, जिससे आत्मा अपने शुद्ध, मुक्त स्वरूप को प्राप्त करती है। यही उनकी साधना का सर्वोच्च वरदान है।





