विस्तृत उत्तर
भगवान का पंद्रहवाँ अवतार वामन रूप में बताया गया है। वामन रूप धारण करके भगवान दैत्यराज बलि के यज्ञ में गए। पाठ कहता है कि वे लोकों का राज्य चाहते थे, परंतु माँगा केवल तीन पग भूमि। यही वामन अवतार का मुख्य प्रसंग दिया गया है। यहाँ बलि के साथ आगे क्या हुआ, उसका विस्तृत वर्णन नहीं आता, इसलिए उत्तर को इसी तक सीमित रखना चाहिए। इस श्लोक से वामन अवतार की विशेषता स्पष्ट होती है: भगवान छोटे ब्राह्मण-बालक जैसे रूप में यज्ञ में जाते हैं और बड़े उद्देश्य के लिए अत्यंत विनम्र माँग रखते हैं। तीन पग भूमि का यह प्रश्न वामन लीला का केंद्र बनता है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक




