विस्तृत उत्तर
विष्णु ने ब्रह्मा के उदर में पूरा जगत देखा। ब्रह्मा की आज्ञा लेकर विश्व की उत्पत्ति करने वाले योगी महायोगी विष्णु ब्रह्मा के मुख में प्रविष्ट हुए। वहाँ उन्होंने अठारह द्वीप, समुद्र, समस्त पर्वत, ब्राह्मण आदि चार वर्णों के जनसमूह, सनातन सात लोक और ब्रह्मा से लेकर तृण तक सभी स्थावर-जंगम पदार्थ देखे। विष्णु अत्यन्त विस्मित हुए और ब्रह्मा की तपस्या का प्रभाव कहते हुए हजार वर्षों तक उदर के भीतर विविध लोकों और स्थानों में घूमते रहे, पर उसका अंत न पा सके।
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