विस्तृत उत्तर
विशुद्ध चक्र का बीज मंत्र 'हं' (Ham) है।
यह चक्र कंठ में स्थित है और आकाश तत्त्व से संबद्ध है।
इस बीज मंत्र की साधना से शुद्ध वाणी, ज्ञान और अभिव्यक्ति की क्षमता प्राप्त होती है।
विशुद्ध चक्र का बीज मंत्र 'हं' (Ham) है — यह कंठ में स्थित, आकाश तत्त्व से संबद्ध है। साधना से शुद्ध वाणी, ज्ञान और अभिव्यक्ति की क्षमता प्राप्त होती है।
विशुद्ध चक्र का बीज मंत्र 'हं' (Ham) है।
यह चक्र कंठ में स्थित है और आकाश तत्त्व से संबद्ध है।
इस बीज मंत्र की साधना से शुद्ध वाणी, ज्ञान और अभिव्यक्ति की क्षमता प्राप्त होती है।
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