विस्तृत उत्तर
वृकासुर शकुनि नामक एक प्राचीन असुर का बेटा बताया गया है। यह नाम सुनकर उसे महाभारत के शकुनि से नहीं जोड़ना चाहिए, क्योंकि वृकासुर की कथा पुराणों की अलग दैत्य-परंपरा से संबंधित है। वृकासुर में असुरों जैसी शक्ति, अभिमान और अधिकार की तीव्र इच्छा थी। वह देवताओं को परास्त कर त्रिलोक पर नियंत्रण चाहता था। इसी महत्वाकांक्षा के कारण उसने ऐसा वरदान पाने की कोशिश की जिससे कोई भी उसके सामने टिक न सके। उसका अंत बताता है कि दैत्य-बल और तपस्या भी यदि विवेकहीन हों, तो व्यक्ति स्वयं अपने विनाश का कारण बन जाता है।
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