श्री हनुमाननाम 886 / 1000वीतरागस्तुतिप्रियॐ वीतरागस्तुतिप्रियाय नमः।Om Vitaragastutipriyaya Namah।अर्थविरक्त ऋषियों द्वारा प्रियMeaningLoved by detached sagesश्री हनुमान सहस्रनामावलीस्रोत संदर्भ ↗