ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

असंख्येय परार्धंता स्वर व्यञ्जनवैखरी

ॐ असांखयेयापरार्धन्तास्वरव्यंजनावैखर्यै नमः।
Om AsankhyeyaParardhantaSwaraVyanjanavaikharyai Namah।
अर्थ

वह देवी जो असंख्य अक्षरों की जन्मभूमि है, व्यंजन और स्वर

Meaning

The Goddess Who is the Birthplace of Innumerable Alphabets, Consonants, and Vowels

श्री लक्ष्मी सहस्रनामावलीस्रोत संदर्भ ↗

इस सहस्रनाम के अन्य नाम