ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

इन्द्रगोपपरिक्षिप्तस्मरतूणाभजङ्घिका

ॐ इन्द्रगोपपरिक्षिप्तस्मरतूणाभजङ्घिकायै नमः।
Om indragopaparikShiptasmaratUNAbhaja~NghikAyai Namah।
अर्थ

अर्थ: श्री ललिता त्रिपुरसुन्दरी के इन्द्रगोपपरिक्षिप्तस्मरतूणाभजङ्घिका नाम में देवी के दिव्य तेज, सौन्दर्य और प्रकाश का स्मरण है।

Meaning

She whose calves gleam like the jewel-covered quiver of the God of Love

श्री ललिता सहस्रनामावलीस्रोत संदर्भ ↗

इस सहस्रनाम के अन्य नाम

इन्द्रगोपपरिक्षिप्तस्मरतूणाभजङ्घिका — श्री ललिता त्रिपुरसुन्दरी सहस्रनाम #41 अर्थ सहित | Pauranik | Pauranik