ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

ज्वालामालिनिकाक्षिप्तवह्निप्राकारमध्यगा

ॐ ज्वालामालिनिकाक्षिप्तवह्निप्राकारमध्यगायै नमः।
Om jvAlAmAlinikAkShiptavahniprAkAramadhyagAyai Namah।
अर्थ

अर्थ: श्री ललिता त्रिपुरसुन्दरी के ज्वालामालिनिकाक्षिप्तवह्निप्राकारमध्यगा नाम में देवी के पवित्र आसन, चक्र और उपासना-स्थान में स्थित स्वरूप का स्मरण है।

Meaning

She who has taken position at the center of the fortress of fire created by the goddess, jvAlAmAlinI

श्री ललिता सहस्रनामावलीस्रोत संदर्भ ↗

इस सहस्रनाम के अन्य नाम