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कण्ठाधःकटिपर्यन्तमध्यकूटस्वरूपिणी

ॐ कण्ठाधः कटिपर्यन्तमध्यकूटस्वरूपिण्यै नमः।
Om kaNThAdhaH kaTiparyantamadhyakUTasvarUpiNyai Namah।
अर्थ

अर्थ: श्री ललिता त्रिपुरसुन्दरी के कण्ठाधःकटिपर्यन्तमध्यकूटस्वरूपिणी नाम में देवी के ज्ञान, चैतन्य और परब्रह्म-स्वरूप का स्मरण है।

Meaning

She who from Her neck to Her waist is of the form of the madhyakUTa (the middle six syllables of the panchadashAkShari mantra)

श्री ललिता सहस्रनामावलीस्रोत संदर्भ ↗

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