श्री सुब्रह्मण्य / कार्तिकेयनाम 757 / 1000लोकवन्द्यायॐ लोकवन्द्याय नमः।Om lōkavandyāya Namah।अर्थतीनों लोकों में स्तुतMeaningPraised in the three worldsश्री सुब्रह्मण्य सहस्रनामावलीस्रोत संदर्भ ↗