ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

क्षितिभृन्नाथतनयामुखपङ्कजभास्कराय

ॐ क्षितिभृन्नाथतनयामुखपङ्कजभास्कराय नमः।
Om kṣitibhr̥nnāthatanayāmukhapaṅkajabhāskarāya Namah।
अर्थ

पर्वतराज की पुत्री के कमलमुख को प्रकाशित करने वाले

Meaning

Bringing a shine to the Lotus-face of the Daughter of the Mountain Lord

श्री सुब्रह्मण्य सहस्रनामावलीस्रोत संदर्भ ↗

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