मंदिर में अष्टधातु की मूर्ति का क्या विशेष महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अष्टधातु = 8 धातु (सोना+चाँदी+ताँबा+टिन+जस्ता+सीसा+लोहा+पारद/काँसा)। विशेष: प्रत्येक धातु=एक ग्रह — स्वतः ग्रह शान्ति। ऊर्जा चालकता उच्चतम — प्राण प्रतिष्ठा सर्वाधिक प्रभावी। दीर्घायु (सदियों तक अक्षत)। अष्टधातु>पंचधातु>पत्थर। सावधानी: नकली से बचें।
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